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दिल से स्वार्थी उमंग मार्गदर्शक जी लो अभी परमार्थ जुबां पर जाग भी जाओ पैसा तो है हाथ का मैल व्यवहारवाद भाग्य अभिशाप ज़िन्दगी के पल कर्त्तव्य पालन की कसम सिद्धांत हो गया फेल अंधेर आदर्शवाद काल करे सो आज कर दृष्टिकोण लालची बैरी हैं मानवता के मलंग चंदा

Hindi दृष्टिकोण विस्तृत निज कर लो Poems